राजस्थान Bikaner
बीकानेर के ऐतिहासिक गजनेर झील पर हजारों मील दूर से पहुंचे विदेशी मेहमान, पर्यटकों की भारी भीड़
गजनेर झील पर विदेशी परिंदों का डेरा, बीकानेर में पर्यटकों की रौनक
सुरेश विश्नोई (बीकानेर ब्यूरो)
15 अक्टूबर 2026 को 04:31 am बजे•3 मिनट पाठ
बीकानेर। पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी आंचल में स्थित बीकानेर की विश्वप्रसिद्ध गजनेर झील इन दिनों प्रकृति के मनमोहक रंगों से गुलजार है। सर्दियों की दस्तक के साथ ही साइबेरिया, मंगोलिया, रूस और लद्दाख से हजारों मील की उड़ान भरकर दुर्लभ प्रजातियों के प्रवासी परिंदे बीकानेर पहुंच चुके हैं।
📌 मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- डेमोइसिल क्रेन (कुरजां), बार-हेडेड गूज, नॉर्दर्न पिनटेल और यूरेशियन विजन पक्षियों का बड़ा झुंड गजनेर पहुंचा।
- वन विभाग ने शिकारियों पर पैनी नजर रखने के लिए ड्रोन निगरानी टीम तैनात की।
- बीकानेर के जोहड़बीड़ गिद्ध संरक्षण क्षेत्र में भी दुर्लभ यूरेशियन ग्रिफॉन और सिनेरियस गिद्ध देखे गए।
कुरजां की कर्णप्रिय गूंज से महका रेगिस्तान
पक्षिविदों के अनुसार, गजनेर झील का शांत वातावरण और भरपूर प्राकृतिक भोजन इन पक्षियों के प्रजनन व प्रवास के लिए सबसे मुफीद साबित होता है। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा इन विदेशी पक्षियों को दाना चुगाने और संरक्षण की प्राचीन परंपरा आज भी जीवित है।
स्रोत आभार: बीकानेर ब्यूरो रिपोर्ट / वन्यजीव संरक्षण विभाग
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